अलीगढ़। मंगलायतन विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग में राष्ट्रीय फार्माकोलॉजी दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को फार्माकोलॉजी की मूल अवधारणाओं के साथ-साथ फार्मेसी और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में इसकी उपयोगिता एवं महत्व से परिचित कराना रहा। इस अवसर पर भारतीय फार्माकोलॉजी के जनक डॉ. आरएन चोपड़ा के योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम में विभाग के प्राचार्य प्रो. फवाद खुर्शीद ने फार्माकोलॉजी की मूल अवधारणाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि औषधियों के अध्ययन तथा मानव शरीर पर उनके प्रभावों को समझने में फार्माकोलॉजी की महत्वपूर्ण भूमिका है। विद्यार्थियों को दवाओं के प्रभाव, उपयोग और उनसे संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
प्रो. उमेश मिश्रा ने औषधियों की क्रियाविधि, चिकित्सीय प्रभाव, सुरक्षा तथा दवाओं के उचित एवं तर्कसंगत उपयोग को समझने में फार्माकोलॉजी की भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि प्रभावी एवं सुरक्षित उपचार के लिए औषधियों के गुणों और शरीर पर उनके प्रभावों का वैज्ञानिक ज्ञान आवश्यक है।
कार्यक्रम का समन्वय सुशांत शर्मा एवं विश्वदीप सिंह ने किया। इस दौरान प्रो. बृजेश शर्मा, सुनील शर्मा, अंशु तिवारी, आशिता सहित फार्मेसी विभाग के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को फार्माकोलॉजी के महत्व, औषधियों की कार्यप्रणाली तथा फार्मेसी एवं स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में इसकी उपयोगिता को समझने का अवसर मिला।





















